कहा कि पिछले 20 दिनों से यह बाईपास भू-धंसाव की समस्या से जूझ रहा है। इससे न केवल बाईपास बल्कि जखोली ब्लॉक के गांवों को जोड़ने वाला जवाड़ी-दरमोला मोटर मार्ग, इको पार्क और डिग्री कॉलेज परिसर को भी खतरा पैदा हो गया है। अगर इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत बनी 900 मीटर सुरंग का महत्व भी खत्म हो जाएगा क्योंकि यात्रा के दौरान इसी बाईपास से होकर वाहन सुरंग के रास्ते बदरीनाथ हाईवे तक पहुंचेंगे।