Monday, May 4, 2026
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उत्तराखंड

नारद जयंती एवं पत्रकारिता दिवस पर भव्य समारोह

देहरादून : विश्व संवाद केंद्र के तत्वावधान में आई.आर.डी.टी. सभागार, सर्वे चौक में “नारद जयंती एवं पत्रकारिता दिवस समारोह” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारिता के मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए सकारात्मक, तथ्यपरक और राष्ट्रहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, देवर्षि नारद के चित्र पर पुष्पांजलि और ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में पत्रकार, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। उत्तरकाशी के प्रताप रावत, वरिष्ठ साहित्यकार सोमवारी लाल उनियाल, ईटीवी के ब्यूरो चीफ किरण कांत शर्मा, दैनिक जागरण के आश्विनी त्रिपाठी, रुड़की के नितिन कुमार, न्यूज़ स्टेट के संचित शर्मा, थराली प्रेस क्लब के अध्यक्ष राकेश सती तथा अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार आफताब अजमत सहित कई प्रिंट और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में “हिमालय हुंकार” पत्रिका के विशेषांक का विमोचन भी किया गया। पत्रिका के संपादक शाक्त ध्यानी ने “हिन्दू जागरण के सौ वर्ष” विषय पर प्रकाश डालते हुए इसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा।

मुख्य वक्ता शिव प्रकाश ने कहा कि देवर्षि नारद को विश्व के आदि पत्रकार के रूप में स्मरण किया जाता है, जिन्होंने लोककल्याण के लिए संवाद का माध्यम अपनाया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों को सशक्त करना भी है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए राष्ट्रविरोधी नैरेटिव के प्रभावी खंडन की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक बिंदलस ने की। उन्होंने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए इसकी विश्वसनीयता और नैतिकता बनाए रखने पर जोर दिया।

आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष सुरेंद्र मित्तल, सचिव राजकुमार टांक और ‘हिमालय हुंकार’ के संपादक रणजीत सिंह ज्याला सहित अन्य पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन गरिमामय और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने पत्रकारिता के प्रति सम्मान और जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ किया।

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