उत्तराखंड

पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद सीआरपीएफ जवानों को दी श्रद्धांजलि, अर्धसैनिकों की उठीं समस्याएं 

देहरादून : पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरा मिलिटरी फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से उत्तरांचल प्रेस क्लब में वर्ष 1959 में हॉट स्प्रिंग्स, लद्दाख में चीनी हमले में शहीद हुए 10 सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सीएपीएफ वेटरनों ने शहीद जवानों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उनकी शहादत को नमन किया।

एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि अर्धसैनिक बलों के जवान भी राष्ट्र की सुरक्षा में लगातार अपना सर्वोच्च बलिदान देते हैं। ऐसे में शहादत और सुविधाओं के मामले में भेदभाव नहीं होना चाहिए।

अलायंस के अध्यक्ष एवं सीआरपीएफ के पूर्व एडीजी एचआर सिंह ने 13 हजार कैडर अधिकारियों की समयबद्ध पदोन्नति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 23 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीएपीएफ को ऑर्गनाइज्ड ग्रुप ‘ए’ सेवा का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ था, लेकिन उनके अनुसार बाद में पारित सीएपीएफ (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) अधिनियम, 2026 से पदोन्नति की व्यवस्था प्रभावित हुई है।

वीएस कदम ने 11 लाख अर्धसैनिक जवानों की पुरानी पेंशन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के 11 जनवरी 2023 के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है, जिस पर अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है। उन्होंने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों की पेंशन का पुनर्निर्धारण 10 अक्टूबर 1997 के बजाय 1 जनवरी 1996 से करने की मांग भी उठाई।

महासचिव रणबीर सिंह ने साइबर ठगी के मामलों में सेवा से हटाए गए बीएसएफ ट्रेड्समैनों की पुनर्बहाली की मांग की। उन्होंने कहा कि इन जवानों को डेढ़ से दो वर्ष की सेवा के बाद हटा दिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

पूर्व आईजी बीएसएफ एवं पूर्व अर्धसैनिक एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष एसएस कोठियाल ने प्रदेश में अर्धसैनिक कल्याण विभाग के गठन की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे पूरी तरह धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी की जानी चाहिए। पूर्व सेनानी जेएस तरियाल ने अर्धसैनिक बलों के सेवारत और सेवानिवृत्त जवानों के लिए जिला स्तर पर सीजीएचएस औषधालय स्थापित करने की मांग की।

रणबीर सिंह ने बताया कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर 12 से 18 नवंबर तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सांकेतिक भूख हड़ताल की जाएगी। इसमें विभिन्न राज्यों से पूर्व अर्धसैनिक जवान और उनके परिवार शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय को दो माह पूर्व ही दी जा चुकी है।चाहें तो इसे मैं और छोटा करके अखबार के सिंगल कॉलम की खबर के रूप में भी तैयार कर सकता हूं।

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