उत्तराखंड

प्रेमनगर क्षेत्र में अज्ञात महिला का शव मिलने की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा

देहरादून : थाना प्रेमनगर क्षेत्र में अज्ञात महिला का शव मिलने की सनसनीखेज घटना का दून पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के नेतृत्व में पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाते हुए मृतका के पहले पति को गिरफ्तार किया है।

11 मार्च 2026 को प्रेमनगर क्षेत्र के मांडूवाला रोड स्थित बालासुंदरी मंदिर परिसर के पास जंगल में एक अज्ञात महिला का शव सफेद प्लास्टिक के कट्टे में बरामद हुआ था। शव के पास एक रजाई भी मिली थी, जिससे अंदेशा था कि शव को छिपाने का प्रयास किया गया है। शव 4-5 दिन पुराना होने और चेहरा खराब हो जाने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 8 टीमें गठित कर जांच शुरू की। टीमों ने आसपास के जंगलों में कॉम्बिंग की, 2500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने व्यापक सत्यापन अभियान चलाते हुए 30 से अधिक झुग्गी-बस्तियों में 5000 से ज्यादा लोगों का भौतिक सत्यापन किया और मृतका की पहचान के लिए पंपलेट व सोशल मीडिया का सहारा लिया।

लगातार प्रयासों के बाद 19 मार्च को पुलिस को कॉसवाली कोठरी क्षेत्र में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में पता चला कि बिहार का मजदूर रंजीत शर्मा अपनी पत्नी और बच्चे के साथ निर्माणाधीन साइट पर रह रहा था, लेकिन होली के बाद उसकी पत्नी गायब थी, जबकि बच्चा दूसरी महिला के साथ दिख रहा था। संदेह के आधार पर पुलिस ने रंजीत को भाटोवाला से हिरासत में लिया।

पूछताछ में रंजीत ने खुलासा किया कि मृतका उसकी पहली पत्नी रूपा थी। वर्ष 2009 में दोनों की शादी हुई थी, लेकिन चार साल पहले रूपा किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई थी। इसके बाद रंजीत ने दूसरी शादी कर ली थी। करीब एक साल पहले रूपा वापस उसके संपर्क में आई और 23 फरवरी 2026 को अपनी 11 माह की बच्ची के साथ देहरादून आकर उसके साथ रहने लगी।

रूपा लगातार रंजीत पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी, जिससे दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 5 मार्च की रात विवाद के दौरान रंजीत ने गला दबाकर रूपा की हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को कट्टे में डालकर कमरे में छिपा दिया और चार दिन बाद मौका मिलते ही मोटरसाइकिल से ले जाकर शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया।

पुलिस के अनुसार, मृतका के हाल ही में देहरादून आने और स्थानीय स्तर पर पहचान न होने के कारण आरोपी को भरोसा था कि वह बच निकलेगा। लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार आरोपी तक पहुंच बनाई गई।

गिरफ्तार आरोपी रंजीत शर्मा (32 वर्ष) बिहार के सहरसा जिले का निवासी है और वर्तमान में देहरादून के भाटोवाला क्षेत्र में रह रहा था। मृतका रूपा भी बिहार की रहने वाली थी।

इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा 5000 रुपये और एसएसपी देहरादून द्वारा 2500 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई है।

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