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सिंगापुर में उत्तराखंड संगठन सिंगापुर ने देवभूमि की संस्कृति, लोक गीत और पहनावे के साथ दीपावली के मिलन कार्यक्रम का किया आयोजन, झूम कर नाचे लोग,संगठन के अध्यक्ष हरीश पन्त ने दी दीपावली की शुभकामनाए

सिंगापुर : सिंगापुर में उत्तराखंड के प्रवासियों द्वारा बनाई गई संस्था Uttarakhandi Association of Singapore ने देवभूमि की संस्कृति, लोक गीत और पहनावे के साथ दीपावली के मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देवभूमि की संस्कृति को सात समंदर पार भी जीवित रखने वाली संस्था हर साल लोक पर्वों और त्योहीरों में कार्यक्रम के आयोजन करता है। इस साल भी एसोसिएशन के दीपावली मिलन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उत्तराखंडी लोग शामिल हुए, इसके साथ ही इन प्रवासी कलाकारों ने पहाडी गाने सुनाकर और पहाड़ी गानों पर नाचते हुए ये दिखा दिया की चाहे वो अपने प्रदेश अपनी संस्कृति और कल्चर से कितने भी दूर क्यों ना हों पर उनके दिलों में वो बसा हुआ है। दिवाली मिलन कार्यक्रम में कार्यसमिति और उत्तराखंड संगठन सिंगापुर के अध्यक्ष हरीश पन्त ने सभी को दीपावली शुभकामनाए देते हुए लोगों से कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद भी किया।

बता दें की Uttarakhandi Association of Singapore का मकसद सिंगापुर में रह रहे प्रवासियों को अपनी जन्मभूमि से जोड़ कर रखे जाने और अगली पीढ़ी को उत्तराखंडी विरासत से अवगत करनावे का ही है।
क्या पुरुष क्या महिलाएं सभी देवभूमि की संस्कृति, बोली और वेशभूषा को दूर सिंगापुर में भी जिंदा रखे हुए हैं।
Uttarakhandi Association of Singapore के द्वारा किए गए कार्यक्रम में सभी पुरुषों एव महिलाओं ने जुमैला और घुघूती नृत्य किया, जिसमें “सुनील थाईपायल , अतिमा जोशी , नीलम रावत , मनोज मिश्रा ने अपनी भागीदारी दी।
एसोसिएशन का कहना है की उन्हें सिंगापुर के इस बड़े मंच पर अपनी उत्तराखंडी संस्कृति को प्रदशित करते हुए बहुत अच्छा लगा। लोगों को उत्तराखंडी पहनावा बहुत पसन्द आया, उनहोंने कहा की Uttarakhandi Association of Singapore का उदेश्य उत्तराखंड के लोगो को इस तरह का बड़ा मंच प्रदान कराना भी है।
कार्यक्रम के दौरान एसोसिएशन ने सिंगापुर में हुए कौथिक समारोह के कलाकारों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। एसोसिएशन सालों से उत्तराखंड की संस्कृति को जिस तरह से विदेशों में नई पहचान दिला रहा है वो सच में काबिले तारीफ है।

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