उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष विश्वास डाबर ने मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में किया प्रतिभाग
देहरादून: उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर ने सचिवालय मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रतिभाग किया। इस दौरान श्री विश्वास डाबर ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार लगातार पूंजीगत परिव्यय बढ़ा रही है, 2019-20 में राज्य का पंजीगत परिव्यय ₹5,414 करोड़ था जो 2024-25 में बढ़कर करीब ₹11 हजार करोड़ रहा। सरकार इसे नए वित्तीय वर्ष में ₹15 हजार करोड़ के पार ले जाने का प्रयास कर रही है। जबकि दूसरे हिमालयी राज्य इस मोर्चे पर उत्तराखण्ड से बहुत पीछे हैं।
विश्वास डाबर ने कहा कि “राज्य कर” भी बढ़कर वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹9,256 करोड़ पहुंच गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 11.5 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह आबकारी से गत वर्ष ₹4,041 करोड़ के बजाय 2024-25 में ₹4,300 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। साथ ही खनन राजस्व भी 2019-20 में 397 करोड़ के मुकाबले 2024-25 में ₹1,035 करोड़ से अधिक पहुंच चुका है जो गत वर्ष 646 करोड़ रुपए था, गत वर्ष की तुलना ही खनन राजस्व में 60 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि सरकार ने कर चोरी पर लगाम कसी है। अवैध खनन पर रोक के लिए परिवहन विभाग लगातार कार्यवाही कर रहा है, इसीक्रम में वित्तीय वर्ष 2024-25 में फरवरी माह तक ही 3,35,798 माल वाहक वाहनों की जांच कर 53,360 का चालान और 5,571 वाहनों को सीज किया गया है। इसी तरह 1,277 ट्रैक्टर ट्राली का चालान कर 563 को सीज किया गया, 48,252 माल वाहक वाहनों में ओवरलोडिंग के कारण, वाहन चालक का डीएल निलंबित किया गया है।