उत्तराखंड

नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर दोनों पक्षों को दिखाई गई मतगणना की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर जिला कलेक्ट्रेट में मतगणना की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज दोनों पक्षों को दिखाई. इस दौरान जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा. करीब तीन घंटे तक चली इस प्रक्रिया में नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, कांग्रेस से उम्मीदवार पुष्पा नेगी मौजूद रही. कांग्रेस की तरफ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत, त्रिभुवन फर्त्याल, अधिवक्ता डीएस पाटनी तथा तीन सरकारी वकील मौजूद रहे. वीडियोग्राफी देखने के बाद जहां अध्यक्ष दीपा दर्मवाल संतुष्ट नजर आईं, वहीं अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने कहा कि फुटेज व वीडियो देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि सब कुछ बिल्कुल पाक-साफ था.

उन्होंने स्पष्ट किया कि अपना पक्ष अब कोर्ट में रखा जाएगा. कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा ने आरोप लगाया था कि मतगणना के दौरान कैमरे बंद कराए गए, मतपत्र में छेड़छाड़ कर 1 को 2 बना दिया गया और प्रत्याशी को काउंटिंग स्थल की सूचना देर से दी गई. कहा कि उनके हल्द्वानी आवास पर नोटिस रात 2:23 बजे चस्पा किया गया, जबकि 1:30 बजे ही उपस्थित होने का निर्देश दे दिया गया था. जिलाधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सिंह ने कहा कि सभी प्रत्याशियों और उनके एजेंटों को समय से पहले फोन व व्हाट्सएप के जरिए सूचना दे दी गई थी, जिसकी पुष्टि भी हो चुकी है.

गौर हो कि 14 अगस्त को चुनाव के दरमियान 5 जिला पंचायत सदस्य गायब हो गए थे. जिसके बाद कांग्रेस और बीजेपी ने एक दूसरे पर जिला पंचायत सदस्यों के कथित अपहरण का आरोप लगाया था. मामले को लेकर कांग्रेस 14 अगस्त को हाईकोर्ट गई. हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को कुछ दिशा-निर्देश दिए थे, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने मतगणना के बाद रिजल्ट घोषित नहीं किया था. कोर्ट ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए नैनीताल एसएसपी और जिलाधिकारी से शपथ पत्र भी मांगा था. जिसके बाद 19 अगस्त को नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम घोषित किए गए. जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा की दीपा दर्मवाल जीत और उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस की देवकी बिष्ट ने जीत हासिल की.

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