उत्तराखंड

जिला प्रशासन की पहल से त्यूणी के ग्राम अटाल के 300 गरीब बच्चों को मिलेगी निःशुल्क शिक्षा

देहरादून : जिले में शिक्षा को मजबूत और समावेशी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और अहम पहल की है। दूरस्थ तहसील त्यूणी के ग्राम एवं पोस्ट अटाल क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कार्यरत एक स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह पहल जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर की गई।

जानकारी के अनुसार ग्राम अटाल के स्थानीय लोगों और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय एनजीओ ने जिलाधिकारी को अवगत कराया था कि क्षेत्र के कई प्रतिभाशाली बच्चे आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निर्देशों के अनुपालन में यूजीवीएनएल द्वारा सीएसआर फंड के तहत 4.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से ग्राम अटाल क्षेत्र के लगभग 300 जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई में आने वाली आर्थिक बाधाएं दूर हो सकेंगी।

जिला प्रशासन का कहना है कि इस सहायता से न केवल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे जनहितकारी प्रयास लगातार जारी रखे जाएंगे।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और किसी भी बच्चे की प्रतिभा आर्थिक कारणों से बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और पिछड़े इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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