Friday, August 7, 2026
उत्तराखंड

STF ने पकड़ा फर्जी शस्त्र लाइसेंस का बड़ा नेटवर्क: यूपी से काशीपुर आए 10 लाइसेंस निकले फर्जी, आरोपियों की तलाश में दबिश जारी

देहरादून : अवैध हथियारों के फर्जी लाइसेंस धारकों पर एसटीएफ ने कड़ा प्रहार किया है, मामले के आरोपियों को पुलिस के सबूतों के आधार पर उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली।  उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड ने मामले में नामजद आरोपी सौरभ अग्रवाल,गौरव अग्रवाल व दानिश की गिरफ्तारी में स्टे हेतु रिट पिटिशन को खारिज कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि “कल रात्रि की गई बरामदगी इस पूरे प्रकरण में अब तक की सबसे अहम सफलता है। प्रारम्भिक जांच के दौरान एसटीएफ के पास मुख्य सरगना सौरभ अग्रवाल एवं उसके परिजनों से संबंधित केवल तीन शस्त्रों एवं लाइसेंसों ना सौरभ अग्रवाल एवं उसके परिजनों से संबंधित केवल तीन शस्त्रों एवं लाइसेंसों की जानकारी उपलब्ध थी, लेकिन बीती रात्रि हुई कार्रवाई ने पूरे मामले को नया आयाम दे दिया है। अब हमारे कब्जे में इस परिवार से जुड़े कुल सात शस्त्र लाइसेंस तथा सात हथियारों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य आ चुके हैं, जिससे विवेचना को अत्यधिक मजबूती मिली है।”

♦️उन्होंने बताया कि इस मामले में दिनांक 09/10 जून की रात्रि में की गई बरामदगी को जांच की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं निर्णायक सफलता माना जा रहा है।

क्योंकि कल रात्रि की कार्रवाई में सात अतिरिक्त कूटरचित शस्त्र लाइसेंस तथा चार अवैध हथियारों की बरामदगी होने से पूरे प्रकरण में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है।

♦️ जांच में यह तथ्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण रूप से प्रकाश में आया है कि बरामद किए गए चार हथियारों के अतिरिक्त इसी नेटवर्क से जुड़े कम से कम तीन अन्य हथियार अभी भी संबंधित व्यक्तियों के कब्जे में होने की पुख्ता जानकारी एसटीएफ को प्राप्त हुई है, जिनकी बरामदगी एवं रिकवरी हेतु विशेष टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।*

♦️ एसटीएफ की जांच में अब यह स्पष्ट होता जा रहा है कि यह कोई सामान्य फर्जी लाइसेंस का मामला न होकर एक सुनियोजित एवं संगठित नेटवर्क का हिस्सा है,जिसमें फर्जी एवं कूटरचित शस्त्र लाइसेंसों के माध्यम से हथियारों का अधिग्रहण, स्थानांतरण एवं उपयोग किया जा रहा था। कल रात्रि की कार्रवाई से प्राप्त साक्ष्यों, लाइसेंसों एवं हथियारों ने न केवल दर्ज अभियोग को अत्यधिक मजबूती प्रदान की है बल्कि जांच एजेंसियों को इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण कड़ियां भी उपलब्ध कराई हैं।

♦️ * वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार राज्य में अवैध हथियारों एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान आगे भी और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रहेगा। इस पूरे गिरोह से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले तत्वों तथा अवैध हथियारों के नेटवर्क में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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