उत्तराखंड

SIR को लेकर CDO अभिनव शाह ने की समीक्षा बैठक

देहरादून : भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के निर्देशों के तहत जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मतदाता सूची से जुड़े एनोमली, नो मैपिंग, नोटिस और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में बताया गया कि जिले की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल 11,90,805 मतदाताओं का ड्राफ्ट रोल तैयार किया गया है। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में एनोमली और 1,52,170 मामलों में नो मैपिंग सामने आई है। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 5,47,942 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जारी नोटिस के सापेक्ष अब तक 5.25 लाख से अधिक मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। यानी करीब 96 प्रतिशत मामलों का निस्तारण सुनवाई के स्तर पर किया जा चुका है। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने शेष मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनवाई और आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी है। खासकर नो मैपिंग और एनोमली से जुड़े मामलों में अभिलेखों का उचित सत्यापन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने को कहा गया।

59,978 दावे-आपत्तियां प्राप्त

बैठक में 15 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच प्राप्त प्रारूप-6, 7 और 8 के दावों एवं आपत्तियों की भी समीक्षा की गई। इस अवधि में कुल 59,978 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें प्रारूप-6 के 39,025, प्रारूप-7 के 10,235 और प्रारूप-8 के 10,718 आवेदन शामिल हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी दावों और आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण कर उनका गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने क्षेत्र में तैनात कार्मिकों के कार्य की नियमित निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में निर्वाचन की शुचिता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम किया जाए, ताकि पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहें।

बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सीपीआई (एम) से अनंत आकाश, कांग्रेस से सुनील जायसवाल, बसपा से सतेंद्र सिंह, भीम राव और सतेंद्र चोपड़ा सहित संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े।

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