उत्तराखंड

फार्मेसी अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने दिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश

देहरादून : चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में सचिवालय में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने एसोसिएशन की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण 17 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जा रहा है। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रथम पदोन्नति के पद का वेतनमान दिए जाने, स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 फार्मेसी अधिकारी पदों को क्रियाशील करने, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने, चिकित्सकों की अनुपस्थिति में निर्धारित औषधियां उपलब्ध कराने के लिए फार्मेसी अधिकारियों को अधिकृत करने तथा चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित देयकों के भुगतान सहित अन्य व्यवस्थाओं में सुधार शामिल हैं।

वर्ष 2009 के बाद नियुक्त फार्मासिस्टों को प्रथम एसीपी के रूप में प्रथम पदोन्नति के पद के समकक्ष वेतनमान का लाभ देने की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को भारत सरकार के सेवा संबंधी प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में ग्रामीण जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में फार्मेसी अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 फार्मेसी अधिकारी पदों से संबंधित प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदेश में फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 के प्रावधानों को लागू करने और चिकित्सकों की अनुपस्थिति में निर्धारित औषधियां उपलब्ध कराने के लिए फार्मेसी अधिकारियों को अधिकृत करने के संबंध में एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने बताया कि इस संबंध में समिति गठित कर दी गई है।

चारधाम यात्रा ड्यूटी के दौरान फार्मेसी अधिकारियों के लंबित देयकों का भुगतान नहीं होने पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को कार्यशैली में सुधार लाने और 15 दिन के भीतर सभी लंबित देयकों का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुबोध उनियाल ने कहा कि फार्मेसी अधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी जायज समस्याओं का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, चिकित्सा स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सुनीता टम्टा, अपर सचिव गंगा प्रसाद सहित अन्य संबंधित अधिकारी और डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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