उत्तराखंड

महक क्रांति नीति के तहत 22,750 हेक्टेयर में विकसित होंगी 7 एरोमा वैली

देहरादून : प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि महक क्रांति नीति के तहत उत्तराखंड में 22,750 हेक्टेयर क्षेत्र में सात एरोमा वैली विकसित की जाएंगी, जिससे करीब 91 हजार किसान सीधे लाभान्वित होंगे। विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने तथा किसानों के उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चमोली और अल्मोड़ा में डैमस्क रोज वैली, पिथौरागढ़ में तिमूर वैली, ऊधमसिंह नगर में मिंट वैली, चम्पावत और नैनीताल में दालचीनी वैली तथा हरिद्वार और पौड़ी में लेमनग्रास वैली विकसित की जाएगी। इसके तहत डैमस्क गुलाब, तिमूर, दालचीनी, लेमनग्रास और मिंट की खेती का विस्तार किया जाएगा। परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है।

महक क्रांति नीति के तहत किसानों को नर्सरी विकास, खेती और संस्थापन लागत पर 50 से 80 प्रतिशत तक, प्रसंस्करण इकाइयों तथा मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।

गणेश जोशी ने कहा कि नीति का लक्ष्य अगले दस वर्षों में प्रदेश में सगंध फसलों का वार्षिक कारोबार 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,179 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, पलायन में कमी आएगी और किसानों को लाभकारी नकदी फसल का विकल्प मिलेगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि किसानों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास के लिए अल्मोड़ा, चमोली, चम्पावत और उत्तरकाशी में सैटेलाइट सेंटर विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर इत्र एवं सगंध उद्यान स्थापित कर एरोमा टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

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