मुख्यमंत्री धामी ने की बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की समीक्षा
देहरादून/चमोली : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली स्थित बीआरओ गेस्ट हाउस में बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत संचालित विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से धाम में चल रहे निर्माण कार्यों, उनकी प्रगति, तकनीकी पहलुओं और आगामी कार्ययोजना की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई।
बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी (पीआईयू) योगेश मनराल ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और निर्धारित समयसीमा के सापेक्ष प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के तहत आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण, यात्री सुविधाओं का विस्तार, आवागमन व्यवस्था में सुधार और आधुनिक सुविधाओं के विकास जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत किए जा रहे सभी कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप संचालित हो रहे हैं। योजना का उद्देश्य बद्रीनाथ धाम को भव्य, दिव्य, सुरक्षित और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त तीर्थस्थल के रूप में विकसित करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुव्यवस्थित अनुभव मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं और प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा निर्माण कार्यों में उच्च मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए तकनीकी दक्षता का पूर्ण उपयोग किया जाए, ताकि कार्यों में तेजी और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो सकें। साथ ही बद्रीनाथ धाम में विकसित की जा रही सभी सुविधाओं में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने यात्री आवागमन, आवास, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि धाम के विकास कार्यों के दौरान पारंपरिक स्वरूप, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विकास और विरासत के बीच संतुलन बना रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मास्टर प्लान के अंतर्गत सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और किसी भी बाधा या विलंब की स्थिति में त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, अधिकारियों की प्रतिबद्धता और केंद्र सरकार के सहयोग से बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होंगे और बद्रीनाथ धाम भविष्य में एक आदर्श, भव्य और विश्वस्तरीय तीर्थस्थल के रूप में स्थापित होगा।
