Friday, August 7, 2026
उत्तराखंड

स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए धारा-163 लागू

रुद्रप्रयाग : विभिन्न विभागों के स्नातक स्तरीय पदों पर भर्ती के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था संबंधी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी ने परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अनुचित साधनों के प्रयोग, भीड़भाड़ अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका के दृष्टिगत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए हैं।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि विभिन्न विभागों के स्नातक स्तरीय पदों हेतु लिखित परीक्षा 14 जून 2026 (रविवार) को प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 1:00 बजे तक एकल पाली में आयोजित की जाएगी। परीक्षा जनपद रुद्रप्रयाग के 12 परीक्षा केंद्रों में संपन्न होगी।

उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों तथा उनके 200 मीटर की परिधि में परीक्षा प्रारंभ होने से लेकर समाप्ति तक धारा-163 प्रभावी रहेगी। इस दौरान पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। परीक्षार्थियों, परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है। उपजिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन, रैली अथवा लाउडस्पीकर के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी। साथ ही परीक्षा एवं प्रश्नपत्रों से संबंधित भ्रामक अथवा उत्तेजनात्मक सूचनाओं के प्रसारण पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों के निकट बिना अनुमति आग्नेयास्त्र, लाठी, डंडा, चाकू, तलवार, खुखरी, हॉकी स्टिक, ज्वलनशील पदार्थ, पटाखे, बारूद अथवा अन्य घातक सामग्री लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस एवं होमगार्ड कर्मियों तथा सहारे के लिए लाठी का उपयोग करने वाले वृद्ध एवं दिव्यांग व्यक्तियों को इससे छूट दी गई है।उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की नारेबाजी, उत्तेजनात्मक भाषण, ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियां, सार्वजनिक एवं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के प्रयास तथा मार्गों पर अवरोध उत्पन्न करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

उन्होंने सभी अभ्यर्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि परीक्षा की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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